रांची। कई दिनों से चली आ रही चर्चाओं को विराम मिला। राज्य सरकार ने झारखंड के नए पुलिस महानिदेशक का ऐलान कर दिया है। डीजी होम गार्ड और अग्निशमन एमवी राव को झारखंड का डीजीपी बनाया गया है। बता दें कि अब तक कमल नयन चौबे राज्य के पुलिस महानिदेशक थे, जिन्हें राज्य सरकार की ओर से नई दिल्ली के लिए स्थानांतरण कर दिया गया है। कमल नयन चौबे की पदस्थापन अवधि के लिए विशेष कार्य पदाधिकारी पुलिस आधुनिकरण कैंप नयी दिल्ली के पद को पुलिस महानिदेशक के वेतन में उत्क्रमित किया गया है।
एमवी राव झारखंड कैडर के आइपीएस हैं। श्री राव तेज-तर्रार आइपीएस माने जाते हैं। लंबे समय तक केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर सीआरपीएफ में रहने के बाद वर्ष 2017 में वह झारखंड लौटे थे। तब सरकार ने उनका तबादला सीआइडी में एडीजी के पद पर किया था.जिस वक्त उन्हें सीआइडी में पदस्थापित किया गया, उस वक्त सीआइडी में कई बड़े मामले जांच के लिए लंबित थे। उन्होंने सभी मामलों की जांच में तेजी लायी, जिसमें बकोरिया कांड भी शामिल था। बकोरिया कांड में तेजी लाने की वजह से वह विभाग के ही सीनियर अफसरों के निशाने पर आ गये। खास कर डीजीपी डीके पांडेय के निशाने पर।
एमवी राव ने सरकार के समक्ष पूरे मामले की जानकारी रखी, लेकिन सरकार ने उनका तबादला दिल्ली कर दिया। जिसके बाद श्री राव ने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, गृह सचिव समेत अन्य कई महत्वपूर्ण लोगों को एक पत्र लिखा। जिसमें उन्होंने पूरे मामले की जानकारी दी। साथ ही बताया कि कैसे डीजीपी डीके पांडेय ने उन्हें बकोरिया कांड की जांच को धीमा करने के लिए कहा था। राज्य के तत्कालीन डीजीपी डीके पांडेय ने एमवी राव से यह भी कहा था कि न्यायालय के किसी आदेश से चिंतित होने की कोई जरूरत नहीं है। लेकिन श्री राव ने डीजीपी के इस मौखिक निर्देश का विरोध करते हुए जांच की गति सुस्त करने, साक्ष्यों को मिटाने और फर्जी साक्ष्य बनाने से इनकार कर दिया था।
डीजी गृह रक्षा वाहिनी एवं अग्निशमन सेवा झारखंड रांची के पद पर पदस्थापित एमवी राव अपने कार्यों के अतिरिक्त झारखंड डीजीपी के अतिरिक्त प्रभार में रहेंगे। इसको लेकर गृह कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है.बीबी प्रधान के सेवानिवृत्त होने के बाद एमवी राव होमगार्ड के डीजी बने थे। 14 मई 2019 को 1987 बैच के आइपीएस अधिकारी एमवी राव डीजी रैंक में प्रोन्नत हो गये थे। इसके साथ ही उन्हें डीजी होमगार्ड के पद पर पदस्थापित किया गया था। श्री राव दिल्ली स्थित झारखंड भवन में स्थानिक आयुक्त के पद पर पदस्थापित थे।